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बिहार बाढ़ 2025: कटिहार में कांग्रेस सांसद तारिक अनवर को जनता ने दी पीठ पर सवारी, दिखा अनोखा प्यार
परिचय 👇
बिहार बाढ़ 2025 की मार से एक बार फिर राज्य के लाखों लोग प्रभावित हैं। कटिहार जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुँचे कांग्रेस सांसद तारिक अनवर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में ग्रामीण उन्हें अपनी पीठ पर उठाकर ले जाते नज़र आते हैं। यह दृश्य न सिर्फ़ मानवीय संवेदना का प्रतीक है, बल्कि राजनीति में जनता और नेता के रिश्ते की सच्ची तस्वीर भी पेश करता है।
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कटिहार में बाढ़ का हाल
गंगा और कोसी नदी के उफान से कटिहार और आसपास के गाँव जलमग्न हैं।
गाँवों के रास्ते कीचड़ और पानी से भरे हुए हैं, जिससे चलना मुश्किल हो गया है।
कई जगहों पर लोग नाव और अस्थायी साधनों से आ-जा रहे हैं।
इसी बीच, जब तारिक अनवर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुँचे, तो उन्हें पैदल चलने में कठिनाई हुई। ग्रामीणों ने तुरंत आगे आकर उन्हें अपनी पीठ पर बैठाकर सुरक्षित स्थान तक पहुँचाया।
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जनता का भरोसा और स्नेह
यह घटना बताती है कि जनता और नेता का रिश्ता केवल राजनीति और वोट तक सीमित नहीं होता।
ग्रामीणों ने सांसद को अपने परिवार के सदस्य की तरह सहारा दिया।
इस दृश्य ने यह संदेश दिया कि जनता के दिल में अब भी सच्ची सेवा करने वाले नेताओं के लिए जगह है।
सोशल मीडिया पर इसे “जनता का असली प्यार” कहा गया।
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सोशल मीडिया पर चर्चा
वीडियो वायरल होने के बाद हजारों लोगों ने इसे शेयर किया।
कई उपयोगकर्ताओं ने कहा कि “यही असली नेता हैं, जो जनता के बीच आते हैं।”
वहीं कुछ लोगों ने आलोचना करते हुए कहा कि यह प्रशासन की नाकामी दिखाता है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में सांसद को खुद जनता की पीठ पर चलना पड़ा।
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राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
कांग्रेस ने इस घटना को सांसद की सादगी और जनता से जुड़ाव का उदाहरण बताया।
विपक्षी दलों ने तंज कसा कि यह तस्वीर दिखाती है कि बिहार में बाढ़ प्रबंधन और प्रशासन पूरी तरह विफल है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि “यह भावुक दृश्य है, लेकिन यह भी साबित करता है कि सरकार और स्थानीय प्रशासन ने जनता को अकेला छोड़ दिया है।”
बिहार बाढ़ और स्थायी समाधान का सवाल
हर साल बाढ़ बिहार की सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने आती है।
गंडक, कोसी और गंगा नदियों के उफान से हर साल लाखों लोग प्रभावित होते हैं।
राहत और पुनर्वास की घोषणाएँ होती हैं, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं मिला है।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि बाढ़ नियंत्रण और राहत कार्यों में गंभीर सुधार की ज़रूरत है।
जनता और सांसद का रिश्ता
इस घटना से साफ़ है कि जनता अपने नेता को केवल “राजनीतिज्ञ” नहीं मानती, बल्कि परिवार का हिस्सा समझती है।
जनता ने यह दिखाया कि अगर नेता सच्चे दिल से जनता के बीच पहुँचें, तो लोग भी उन्हें अपना समझकर सहारा देते हैं।
यह दृश्य बिहार की राजनीति में जनता और प्रतिनिधि के रिश्ते की एक मिसाल बन गया है।
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निष्कर्ष
कटिहार की यह घटना बिहार बाढ़ 2025 की पीड़ा के बीच मानवीय संवेदना और जनता के प्यार की अनूठी मिसाल है। कांग्रेस सांसद तारिक अनवर को ग्रामीणों ने जिस तरह पीठ पर बैठाकर सुरक्षित जगह पहुँचाया, वह राजनीति की पारंपरिक तस्वीर से अलग है।
यह दृश्य संदेश देता है कि जनता और नेता का रिश्ता तब तक जीवंत रहता है, जब तक उसमें भरोसा, अपनापन और संवेदनशीलता बनी रहती है।

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